जिंदिगी की इस भागमभाग में , मैं एक भूल कर बैठा,
एक क्षण रुक , मैं एक सपना संजो बैठा,
बस भूल इतनी थी की, मैं हम बन बैठा ,
सफलता की इस चाहत में , मैं प्रहरी बन बैठा,
जब इल्म हुआ इस बात का , तब तक मैं छूट चूका था ,
सफलता की इस चाहत में, मैं हम बन बैठा,
एक क्षण रुक , मैं एक सपना संजो बैठा,
बस भूल इतनी थी की, मैं हम बन बैठा ,
सफलता की इस चाहत में , मैं प्रहरी बन बैठा,
जब इल्म हुआ इस बात का , तब तक मैं छूट चूका था ,
सफलता की इस चाहत में, मैं हम बन बैठा,
अब तो सफलता के मायने ही बदल गए,
हर क्षण, हर घडी पैसा ही बरसे,
इस चाहत को ठुकरा, मैं एक सपना संजो बैठा ,
बस भूल इतनी थी की,...मैं हम बन बैठा ,
जिंदिगी की रफ़्तार अब मेरी सांसे तोडती हैं ,
अब ये सांसे भी मेरा साथ छोडती हैं ,
इन ऊखडती हुई सासों के साथ , मैं फिर उठ चला ,
सफलता की इस चाहत में ,हम मैं बन बैठा .
"original creation "
हर क्षण, हर घडी पैसा ही बरसे,
इस चाहत को ठुकरा, मैं एक सपना संजो बैठा ,
बस भूल इतनी थी की,...मैं हम बन बैठा ,
जिंदिगी की रफ़्तार अब मेरी सांसे तोडती हैं ,
अब ये सांसे भी मेरा साथ छोडती हैं ,
इन ऊखडती हुई सासों के साथ , मैं फिर उठ चला ,
सफलता की इस चाहत में ,हम मैं बन बैठा .
"original creation "